झाँसी के थाना नवाबाद क्षेत्र से धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और करोड़ों रुपये के फर्जी बांड-क्लेम का बड़ा मामला सामने आया है। नवाबाद पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपी चाचा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।सिविल लाइन, झोकन बाग स्थित एस.एम. टावर निवासी मयंक प्रेमानी पुत्र योगेन्द्र प्रेमानी ने अपने चाचा भरत प्रेमानी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित के अनुसार वर्ष 2017 में जब वह पढ़ाई कर रहा था, तब उसके चाचा भरत प्रेमानी ने ‘एमस्पायर बियरिंग सीओ’ नामक एक फर्म बनाई और मयंक को उसमें प्रोप्राइटर बनाया। आरोप है कि पीड़ित के बाहर चले जाने के बाद आरोपी ने धोखाधड़ी की नीयत से फर्म का दुरुपयोग करना शुरू कर दिया। आरोपी भरत प्रेपानी ने पीड़ित के कूटरचित हस्ताक्षर बनाकर कोटक महिंद्रा बैंक शाखा जीवनशाह तिराहा, झाँसी में एक खाता खुलवा लिया। बिना पीड़ित की जानकारी के इस बैंक खाते का लगातार इस्तेमाल किया जाता रहा।इतना ही नहीं, उच्च न्यायालय दिल्ली से 6-7 अलग-अलग फर्मों के नाम पर नोटिस जारी हुए, जिससे पता चला कि आरोपी अपनी पत्नी आरती, बेटी प्रगति और बेटे धैर्य के साथ मिलकर दिल्ली के पते पर फर्जी कंपनियाँ चला रहा था। आरोपी ने दिल्ली उच्च न्यायालय में पीड़ित के फर्जी हस्ताक्षर और झूठे शपथ पत्र प्रस्तुत कर दो करोड़ रुपये के फर्जी बांड के तहत क्लेम भी किया था।जब मयंक को फर्जीवाड़े का पता चला और उसने इसका विरोध किया तथा शिकायत करने की बात कही, तो आरोपी भरत प्रेमानी ने पीड़ित के घर आकर उसे और उसके परिवार को झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवाने व आजीवन कारावास कराने की धमकी दी। पीड़ित ने पूर्व में थाने और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक झाँसी को प्रार्थना पत्र दिया था। इसके बाद न्यायालय के हस्तक्षेप से नवाबाद थाने में एफआईआर पंजीकृत की गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3), 340(2), 351(3) व अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
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