झाँसी। लगातार 19 वर्षों से दीपावली त्यौहार पर अमावस्या पर मां काली की आराधना और लोक जन कल्याण के लिए अजय रायकवार द्वारा लगभग 19 वर्षों से अपने हाथों से मां की प्रतिमा तैयार कर स्थापित करते चले आ रहे है। इस बार अमावस्या वाली काली का यह 20 वा उत्सव शुरू हो गया है। पचकुइया मंदिर के पास कालू राम राय के हाते के सामने विगत 19 वर्षो से स्थापित हों रही माँ अमावस्या वाली काली की प्रतिमा की स्थापना पूर्ण विधि विधान से 31 अक्टूबर क़ो की गई l महामाई की प्रितिमा क़ो युवा मूर्तिकार अजय रायकवार द्वारा अपने स्वयं के हाथो से त्यार किया जाता हैँ तथा उनके द्वारा विगत 19 वर्षो से स्वयं पूजन किया जाता हैँ l उक्त प्रितिमा स्थल पर प्रतिदिन प्रातः 09.30 बजे एवं रात्रि 08.30 बजे पूजन एवं आरती की जाती है l मुख्य पूजन हवन अमावस्या की रात्रि (दीपावली के दिन) 12.00 बजे होगा तथा महा आरती रात्रि 03.30 बजे होगी… अमावस्या वाली माँ काली की विसर्जन शोभा यात्रा 09 अक्टूबर क़ो दिन मे 03.15 बजे कंधो पर आरंभ होकर पचकुइया मंदिर, कोतवाली, मानिक चौक बड़ा बाजार होते हुए लक्ष्मी तालाब जायगी lआयोजक मण्डल ने विशेष अनुरोध किया है कि महामाई की विसर्जन यात्रा मे भारतीय संस्कृति के अनुसार पोशाक धारण कर उपस्थित हों l इस अवसर पर विशेष रूप से अधिवक्ता रवि माथुर, समाजसेवी श्रीराम नरवरिया, श्रीनरेश, राज कुशवाहा सचिन सक्सेना, शिवांश सोनी मदन रायकवार अमेन्द्र सरगइयाँ आदि माई की सेवा मे लगे है एवं व्यस्था मे सहयोग कर रहे हैँ l
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
