झांसी। नव दुर्गा दुर्गा उत्सव शुरू होते ही धर्म की आड़ में पैसा कमाने वाले सक्रिय हो गए। डांडिया और गरबा की आड़ में एंट्री के नाम पर हजारों रुपयों के टिकट बेच कर अवैध रूप से आर्थिक धन अर्जित कर रहे है। बस डांडिया गरबा कार्यक्रम आयोजन में सत्ता दल से जुड़े किसी भी एक प्रतिनिधि को मुख्य अतिथि बना कर सरकारी तंत्र से बच कर आर्थिक धन लाभ अर्जित कर रहे। सरकार के राजस्व को भी हानि पहुंचा रहे है। आपको बता दे कि महानगर में नव दुर्गा उत्सव पर कई सामाजिक संस्थाएं, राजनीतिक दल डांडिया, गरबा उत्सव करा रहे है। इसी बीच कुछ असामाजिक तत्व भी सक्रिय हो गए और अवैध रूप से आर्थिक धन लाभ अर्जित करने के लिए डांडिया, गरबा का आयोजन कर उनमें एंट्री के नाम पर दो सौ रूपये से लेकर एक हजार रुपए तक वसूल कर रहे है। यही नहीं दुर्गा उत्सव पर मां की आराधना के लिए डांडिया, गरबा जैसे आयोजन दुर्गा पंडाल, मंदिर परिसर में आयोजित होते है, लेकिन अधिक धन लाभ अर्जित करने की सोच रखने वाले कुछ लोग यह आयोजन बड़े बड़े आलीशान होटल, गार्डन में आयोजित कर मोटी रकम वसूल रहे है। धर्म की आड़ में अवैध धन वसूली करने वालों पर जीएसटी विभाग ने शिकंजा कसने और इन पर नजर रखने के लिए अपना बयान भी जारी किया था। लेकिन कुछ असामाजिक तत्व खुलेआम डांडिया और गरबा के नाम पर एंटी पास में शुल्क लिखकर खुलेआम बेच रहे है। ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए जिम्मेदार मूक दर्शक बने हुए इसके पीछे का कारण यह है कि इन असामाजिक तत्वों द्वारा अपने आयोजन में जन प्रतिनिधियों को अतिथि बना लिया जाता है, जिसके चलते कोई भी विभाग इनसे कुछ भी पूछताछ करने से कतराता है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
