झांसी। यात्रियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण पेयजल उपलब्ध कराना उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी उद्देश्य से मंडल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों एवं रेल परिसरों में उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की नियमित जांच और सतत निगरानी की जा रही है।इसी क्रम में सितंबर माह के दौरान झांसी मंडल में कुल 897 जल नमूनों का परीक्षण किया गया। इनमें 870 अवशिष्ट क्लोरीन तथा 27 बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के नमूने शामिल हैं। अवशिष्ट क्लोरीन के सभी 870 नमूने निर्धारित मानकों के अनुरूप पाए गए, जो पेयजल में प्रभावी क्लोरीनेशन व्यवस्था की स्थिति को दर्शाता है।संबंधित स्थानों पर नियमित सफाई, पर्याप्त क्लोरीनेशन एवं आवश्यक निगरानी सुनिश्चित की जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो और यात्रियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर पेयजल नलों, वाटर कूलरों, जल भंडारण टंकियों एवं अन्य पेयजल स्रोतों की नियमित जांच की जा रही है। इसके साथ ही जल भंडारण टंकियों की समयबद्ध सफाई, पेयजल स्थलों के आसपास स्वच्छता तथा जलापूर्ति व्यवस्था के उचित रखरखाव पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।जल गुणवत्ता परीक्षण के दौरान किसी भी स्तर पर कमी पाए जाने पर संबंधित विभागों के समन्वय से आवश्यक सुधारात्मक एवं निवारक कार्रवाई की जाती है। जल की गुणवत्ता को सुरक्षित बनाए रखने के लिए परीक्षण, सफाई और क्लोरीनेशन की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा जा रहा है।मंडल रेल प्रबंधक, झांसी अनिरुद्ध कुमार ने कहा कि यात्रियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना मंडल की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित परीक्षण एवं निगरानी की जा रही है। परीक्षण के दौरान सामने आने वाली किसी भी कमी को तत्काल दूर करने तथा भविष्य में उसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
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