झाँसी न्यूज़

कस्तूरबा की बच्चियों का भविष्य संवारने के लिए डीएम के निर्देशन पर बीएसए ने शुरू कराई ऑन लाइन क्लास, आरोप साजिशन कराया वीडियो वायरल

झांसी। कस्तूरबा इंटर कॉलेज की बच्चियों का भविष्य संवारने के लिए जिलाधिकारी और बीएसए ने एक अनूठी पहल शुरू कर दी है। इसके लिए जिलाधिकारी द्वारा एक स्टूडियो भी उपलब्ध कराया है, जिसमें करीब 18 लाख कीमत से उपयोगी वस्तुओं से बच्चियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। वही बीएसए कार्यालय से जारी हो रहे एक गाड़ी चालक के वीडियो को साजिशन बिना जानकारी वायरल करने पर उसे गलत बताया। कस्तूरबा इंटर कॉलेज के आवासीय में रहकर पढ़ने वाली छात्राओं के भविष्य को उज्जवल और संवारने के लिए जिलाधिकारी गौरांग राठी के निर्देशन में बीएसए जितेंद्र गौड ने एक अहम कदम उठाया। बीएसए ने जानकारी देते हुए बताया कि कस्तूरबा में पढ़ने वाली कक्षा नौ से बारह की छात्राओं को ऑन लाइन कोचिंग दिलाने का कार्य शुरू किया है। उन्होंने बताया कि बच्चियां स्कूल छुट्टी के बाद वही आवास में रहती है, फ्री टाइम में उनके लिए तीन घंटे की ऑन लाइन कोचिंग शुरू कराई गई है। जिसमें तीन अलग अलग शिक्षकों को तैनात किया गया है। साथ ही इस अनूठी पहल में जिलाधिकारी की ओर से एक स्टूडियो भी उपलब्ध कराया गया हम इस स्टूडियो में 18 लाख कीमत से अधिक के उपकरण लगाए गए है। कस्तूरबा की बच्चियों को इस स्टूडियो में भी उन्हें शिक्षा ग्रहण कराई जाएगी। वही बीएसए कार्यालय परिसर में एक गाड़ी चालक के वायरल हो रहे वीडियो के संबंध में बीएसए ने कहा कि वीडियो बिना जानकारी के तथ्य विहीन बनाकर वायरल किया गया है। वायरल करने वाले को उनसे जानकारी लेना चाहिए थी। उन्होंने कहा कि सरकारी गाड़ी डैमेज हो चुकी है। साथ ही सरकारी गाड़ी चलाने वाले चालक के खिलाफ कई शिकायतें है, जिन पर जांच चल रही है। जिसके चलते जांच प्रभावित न हो इसके लिए उन्हें दूर रखा गया है। विभाग में प्राइवेट गाड़ी टेंडर जिसे मिलता है उसी कंपनी के द्वारा लगाई जाती है, जिसका डीजल, मेंटिनेंस और चालक उसी कंपनी के द्वारा लगाए जाते है, जिससे विभाग को कोई मतलब नहीं होता। उन्होंने कहा कि वीडियो बना कर वायरल करने से पहले अगर उनसे जानकारी ली जाती तो अधूरी सूचना के साथ गलत तथ्यों पर वीडियो वायरल नहीं होता।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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